Devtrix Solutionsकुंडलीदर्पण

शुभ मुहूर्त

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कौन से नियम लगाए गए

चांद्र मास वैशाख, ज्येष्ठ, कार्तिक, मार्गशीर्ष, माघ या फाल्गुन (अधिक मास नहीं); तिथि 2, 3, 5, 7, 10, 11 या 13 (किसी भी पक्ष की); नक्षत्र रोहिणी, मृगशिरा, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, अनुराधा, उत्तराषाढ़ा, उत्तरा भाद्रपद या रेवती; रविवार या मंगलवार नहीं; गुरु व शुक्र अस्त न हों; भद्रा (विष्टि करण) न हो। तिथि, नक्षत्र और करण तीनों एक ही समय में शुभ होने चाहिए।

यह सामान्य कैलेंडर (नई दिल्ली) है, किसी की जन्म कुंडली पर आधारित नहीं। हर दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक 15-15 मिनट पर जांचा जाता है, और दिखाया गया समय वह पहली अवधि है जब सारे नियम एक साथ पूरे होते हैं (लगभग 15 मिनट की सटीकता)। कुछ नियमों पर स्रोतों में मतभेद है; वहाँ दृक पंचांग वाले नियम लिए गए हैं। इस अवधि में राहु काल से बचें और शुभ चौघड़िया / लग्न चुनें (पंचांग देखें), तथा महत्वपूर्ण कार्य के लिए किसी योग्य ज्योतिषी से सलाह लें।