हनुमान जी से पूछें: हनुमान चालीसा की नौ चौपाइयाँ 225 अक्षरों के कोष्ठक में छिपी हैं। अपना प्रश्न सोचें, "जय बजरंगबली" कहें, और किसी एक कोष्ठक को छुएँ — उससे हर नौवाँ अक्षर वह चौपाई बनाता है जो उत्तर है, उपाय सहित।
फल (उत्तर): प्रश्न उत्तम है। कार्य सिद्ध होगा और यश मिलेगा; ज्ञान-बुद्धि से काम लें, हनुमान जी की कृपा साथ है।
उपाय: मंगलवार को हनुमान जी को सिंदूर और बूंदी के लड्डू चढ़ाएँ।
चालीसा की पहली चौपाई — हनुमान जी ज्ञान और गुणों के सागर हैं, तीनों लोकों में प्रकाशमान।
फल (उत्तर): प्रश्न उत्तम है। कार्य शीघ्र होगा — देर न करें, तत्परता और चतुराई से लग जाएँ; सहयोग मिलेगा।
उपाय: कार्य आरंभ से पहले एक बार हनुमान चालीसा का पाठ करें।
हनुमान जी विद्वान, गुणी और अत्यंत चतुर हैं, और श्री राम का कार्य करने को सदा आतुर रहते हैं।
फल (उत्तर): अभी संकट या चिंता है, पर वह टलेगा। मन, कर्म और वचन — तीनों से सच्चे रहें; धैर्य के साथ रास्ता निकलेगा।
उपाय: संकटमोचन हनुमानाष्टक या चालीसा का 7 दिन पाठ करें।
जो मन, कर्म और वचन से हनुमान जी का ध्यान करता है, उसे वे संकट से छुड़ा देते हैं।
फल (उत्तर): भय, बुरी नज़र या विरोधी से रक्षा होगी। जो डर सता रहा है वह निराधार है — हनुमान जी का नाम लें और निर्भय होकर आगे बढ़ें।
उपाय: शनिवार को हनुमान मंदिर में चमेली के तेल का दीपक जलाएँ।
महावीर हनुमान का नाम सुनाते ही भूत-पिशाच (भय, बुरी शक्तियाँ) पास नहीं आते।
फल (उत्तर): स्वास्थ्य या कष्ट का प्रश्न है तो राहत मिलेगी, पर धीरे-धीरे और नियम से। इलाज और जाप दोनों निरंतर रखें; निराश न हों।
उपाय: "ॐ हं हनुमते नमः" का प्रतिदिन 108 बार जाप।
वीर हनुमान का निरंतर जाप रोग नष्ट करता है और सब पीड़ा हर लेता है।
फल (उत्तर): प्रश्न बहुत उत्तम है। जो कार्य असंभव-सा लग रहा है, वह भी सुगम होगा; बड़ा सोचें और लग जाएँ।
उपाय: मंगलवार को हनुमान जी को लाल चोला या लाल वस्त्र अर्पित करें।
संसार के जितने भी कठिन कार्य हैं, हनुमान जी की कृपा से वे सब सुगम हो जाते हैं।
फल (उत्तर): सच्चाई और सज्जनता पर टिके रहें — रक्षा होगी और विरोधी परास्त होंगे। गलत मार्ग या गलत साथ से दूर रहें, तभी फल मिलेगा।
उपाय: मंगलवार या शनिवार को सुंदरकांड का पाठ करें।
हनुमान जी साधु-संतों के रक्षक और असुरों का नाश करने वाले, श्री राम के दुलारे हैं।
फल (उत्तर): फल मिलेगा, पर समय लगेगा और भक्ति-श्रद्धा से मिलेगा। पुराना दुख या बाधा धीरे-धीरे छूटेगी; जल्दबाज़ी न करें।
उपाय: प्रतिदिन "श्री राम जय राम जय जय राम" का जाप करें।
हनुमान जी के भजन से श्री राम मिलते हैं और जन्म-जन्म के दुख भूल जाते हैं।
फल (उत्तर): अभी बंधन या रुकावट है — कार्य अटका है। उपाय करें: नियम से चालीसा का पाठ; बंधन छूटेगा और बाद में सुख मिलेगा।
उपाय: 100 बार (या 40 दिन तक प्रतिदिन) हनुमान चालीसा का पाठ करें।
जो सौ बार चालीसा का पाठ करता है, वह बंधन से छूटकर महा सुख पाता है।
चौपाइयाँ तुलसीदास जी की हनुमान चालीसा से हैं; यह कोष्ठक और उत्तर राम शलाका की पद्धति पर इस ऐप के लिए तैयार किए गए हैं। उत्तर को चिंतन का मार्गदर्शन मानें, तय भविष्यवाणी नहीं।